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चरण सिंह और कांग्रेस राजनीति

एक भारतीय राजनीतिक जीवन, 1957 से 1967 तक

  • पॉल ब्रास - प्रोफेसर (एमेरिटस), राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, वाशिंगटन विश्वविद्यालय, सीएटल, यूएसए
Volume:

2

यह खंड चरण सिंह के कांग्रेस के प्रति बढ़ते असंतोष के बारे में बताता है, जो नेहरू और उनकी बेटी की उनके प्रति विरोध और उत्तर प्रदेश (यूपी) में कांग्रेस का प्रमुख पार्टी के स्थान से पतन की वजह से बढ़ता गया और परिणामस्वरूप उन्होंने दल बदला और आखिरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक नई राजनीतिक पार्टी बनाई।

इससे पहले के खंड की ही तरह, यह पुस्तक भी मुख्य रूप से चरण सिंह के राजनीतिक करियर के दौरान लेखक के उनसे अपने व्यक्तिगत संबंधों, बड़ी संख्या में चरण सिंह की राननीतिक फाइलों तक पहुँच और पिछले 50 वर्षों में राजनेताओं, अन्य सार्वजनिक शख्सियतों, किसानों और अन्य लोगों के साथ लेखक के निजी साक्षात्कारों पर आधारित है। यह सुचेता कृपालानी के मुख्य मंत्री कार्यकाल का लेखा-जोखा भी प्रदान करती है जो गुटबाजी के संघर्ष के कारण राजनीतिक दृष्टि से एक बाहरी व्यक्ति होते हुए भी सत्ता में आई। साथ ही उत्तर प्रदेश में क्षेत्रवाद की पृष्ठभूमि की भी यह पुस्तक पड़ताल करती है और उत्तर भारत के राज्यों के पुनर्गठन के मुद्दे पर चरण सिंह की उस भूमिका पर भी प्रकाश डालती है, जिसके बारे में अब तक कम ही जानकारी उपलब्ध थी।

यह पुस्तक ‘उत्तर भारत की राजनीति: 1937 से 1987 तक’ पर कई खंडों में लिखी गई श्रृंखला का द्वितीय खंड है।

  • प्रस्तावना
  • आभार
  • चरण सिंह के जीवन की मुख्य घटनाओं का कालक्रम

भाग I : क्षेत्रवाद और राज्यों का पुनर्गठन

  • क्षेत्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था: पश्चिमी तथा पूर्वी ज़िले
  • दिल्ली सूबा और उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के लिए अन्य माँगें (1946 से वर्तमान तक)

भाग II: विकास और असंतोष

  • बड़े उद्योगपति और बड़े बांध : रिहंद बांध से पहले और बाद में कृषि बनाम औद्योगिक विकास (1957-1959)
  • इस्तीफा भाषण जो ‘कभी नहीं दिया गया’
  • मध्यान्तर (1959-62)

भाग III : कांग्रेस का पतन

  • सी.बी. गुप्ता की प्रथम सरकार गिरी (1963)
  • सुचेता! (1962-1965)
  • संकट एवं अंतध्वंस : राज्य कर्मचारियों का आन्दोलन और यूपी सरकार (1964-68)
  • कांग्रेस में गुटबन्दी और भ्रष्टाचार (1963-66)
  • भ्रष्टाचार के प्रकार
  • काँग्रेस का विघटन
  • परिशिष्ट अ: उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का दिन-प्रतिदिन का वृतांतः 14 जुलाई से 28 जुलाई 1967
  • परिशिष्ट ब: खंड 2 में संदर्भित प्रमुख व्यक्तियों के जीवन वृतांत तथा उनसे साक्षात्कार
पॉल ब्रास

पॉल आर. ब्रास वॉशिंगटन विश्वविद्यालय, सिएटल में राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के प्रोफेसर (अवकाश प्राप्त) हैं। इस विषय और दक्षिण एशियाई राजनीति, जातीय राजनीति, और सामूहिक हिंसा पर उनकी 15 पुस्तकें और कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उनका कार्य 1961 से अब तक भारत की कई यात्राओं के दौरान विस्तृत मैदानी शोध पर आधारित रहा है। हाल ही में प्रकाशित ... अधिक पढ़ें

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ISBN: 9789352804528

₹ 550.00

ISBN: 9789352804535

₹ 550.00

ISBN: 9789352804542

₹ 550.00

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