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मूल्यों की पुन:स्थापना

ईमानदारी, नैतिक व्यवहार और सुशासन की कुंजी

Edited by:

  • ई. श्रीधरन - प्रमुख सलाहकार और पूर्व प्रबंध निदेशक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड
  • भरत वख्लू - अध्यक्ष, द वख्लू एडवाइज़री

यह पुस्तक भारतीयों के लिए अपने देश को एक नैतिक राष्ट्र के रूप में आकार देने के लिए आवाहन है। इस संकलन में एकत्रित किए गए लेख विभिन्न क्षेत्रों में भारत के उन प्रख्यात विचारकों और नेतृत्वकर्ताओं के द्वारा लिखे गए हैं, जिन्हें ईमानदारी के साथ जीने और कार्य करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। यह सरकार की कानूनी, विधायिका और न्यायिक शाखाओं समेत समाज के सभी क्षेत्रों में ईमानदार, नैतिक और पारदर्शी व्यवहार की अनुपस्थिति के कारणों को सामने लाती है।

ये लेख हमारे देश के संस्थानों में ईमानदारी, नैतिक व्यवहार और शासन के मानकों में वृद्धि करने के लिए कई विश्वसनीय और व्यावहारिक विचारों और तरीकों को प्रस्तुत करते हैं। इनमें से कुछ लेखों को नई दिल्ली में फाउंडेशन ऑफ़ रेस्टोरेशन ऑफ नेशनल वैल्यूज़ द्वारा नवम्बर 2008 में आयोजित दो दिवसीय सम्मलेन में प्रस्तुत किया गया था। यह संकलन केवल सम्मलेन का सार ही नहीं है, बल्कि यह भारत को एक सत्यनिष्ठ व ईमानदार राष्ट्र, एक ऐसा देश जो भ्रष्टाचार, कपट और निर्णय लेने की अक्षमता से मुक्त हो, बनाने के लिए आवश्यक पहलों का रास्ता भी प्रदान करता है।

  • संदेश स्वामी भूमानंद तीर्थ
  • प्राक्कथन रतन एन. टाटा
  • प्रस्तावना
  • आभार
  • परिचय: एक नैतिक, मूल्य आधारित समाज बनाने के लिए क्या आवश्यक है? भरत वख्लू
  • सच्चाई की लौ जगाए रहना अरुण मायरा
  • क़ानून लागू करने में और न्याय प्रणाली में मूल्य डी.आर. कार्तिकेयन
  • राष्ट्रीय मूल्यों को विकसित करने के लि ए संभावित समाधान ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
  • भारत में लोक प्रशासन: नैतिक संकटों की चुनौती ई. श्रीधरन
  • भारतीय समाज का पुनर्जन्म फादर टी.वी. कुन्नुन्कल
  • मूल्य बनाम संस्थाएं: झूठे द्विविभाजन से आगे बढ़ना जयप्रकाश नारायण
  • राष्ट्रीय मूल्य संकट और इसका समाधान जे.एस. वर्मा
  • भ्रष्टाचार समाप्त करना और विवाद समाधान: सामाजिक नैतिकता के लिए आवश्यक तत्व के.जी. बालकृष्णन
  • संसद में संस्थागत सत्यनिष्ठा एम.एन. वेंकटचलैय्या
  • मूल्यों के पुनःस्थापना में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका लालकृष्ण आडवाणी
  • ईमानदारी को प्रचलन में लाना मधु त्रेहान
  • न्याय देने के लिए एक मूल्य-आधारित प्रणाली तैयार करना एन. विठ्ठल
  • अपने मस्तिष्क और हृदय को राष्ट्रीयकृत करना स्वामी भूमानंद तीर्थ
  • अपनी संसंपूर्णता को याद करना अरुण वख्लू
  • राष्ट्रीय मूल्य: प्रशासन का आधार एवं लक्ष्य प्रत्युष सिन्हा
  • क़ानून लागू करने में ईमानदारी: लोगों का विश्वास पाने के लिए अनिवार्य शंकर सेन
  • मूल्यों के आधार पर एक नया राष्ट्रीय क्रम सोमनाथ चटर्जी
  • एक लोकतंत्र में मूल्यों की आवश्यकता टी.एस. कृष्णमूर्ति
  • परिवर्तन के लिए भारतीय आधार त्रिलोचन शास्त्री 
  • शासन में नैतिकता: द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग से परिप्रेक्ष्य गोपाल गणेश
ई. श्रीधरन

ई. श्रीधरन, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक हैं और अब बतौर प्रमुख सलाहकार सेवारत हैं। अपनी वर्तमान भूमिका में वे भारत के विभिन्न शहरों में आधुनिक मेट्रो परियोजनाओं के विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। वे एक तकनीक विशेषज्ञ हैं, जिन्हें कोंकण रेलवे और दिल्ली मेट्रो परियोजनाओं को बजट के भीतर और समयसीमा से पहले पूरा करने के ... अधिक पढ़ें

भरत वख्लू

भरत वख्लू ट्रांसफॉर्मेशनल थॉट-नेतृत्वकर्ता, नवप्रवर्तनशील तथा नैतिक मूल्य सर्जक, एक नेतृत्व परामर्शदाता, प्रमुख वक्ता और लेखक हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर में लगभग 35 वर्षों के अपने करियर में कई उपक्रमों का रूपांतरण किया, मुश्किल बिजनेस समस्याओं का रचनात्मक समाधान प्रदान किया, साझेदारों को बेहतरीन और स्थायी मूल्य प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों के दल का ने ... अधिक पढ़ें

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