Loading...
Veerendra

वीरेन्द्र मिश्रा

सचिव, केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार

वीरेन्द्र मिश्रा, केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वह मध्य प्रदेश पुलिस में सहायक महानिरीक्षक (सीआईडी) के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2012-2013 के दौरान उन्हें मानव तस्करी के विषय पर प्रतिष्ठित हुबर्ट हम्फ्रे फैलोशिप (फुलब्राइट स्कॉलरशिप के तहत) से सम्मानित किया गया था। उन्होंने स्थानीय पुलिस निकायों एवं संयुक्त राष्ट्र पुलिस (यूएनपीओएल) जैसे अंतरराष्ट्रीय पुलिस निकायों— दोनों की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के तीन मिशन में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं— बोस्निया-हर्ट्सागोवीना, कोसोवो और पूर्वी तिमोर। पूर्वी तिमोर में पाँच महीनों का कार्यकाल था, और इस दौरान वहाँ के समुदाय के सदस्यों को सामुदायिक पुलिस व्यवस्था पर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उन्होंने एशिया फाउंडेशन के लिए समुदाय कल्याण के लिए अवैतनिक सलाहकार के रूप में काम करते हुए प्रशिक्षण मापदंड तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। डॉ मिश्रा ने वर्ष 2004 में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से, “पुलिस की छवि में परिवर्तन : एक अनुभूतिमूलक अध्ययन” विषय पर पीएचडी की है। उन्होंने एक पुस्तक का लेखन भी किया है, जिसका शीर्षक है, कम्युनिटी पुलिसिंग: मिसनोमर ऑर फैक्ट (सेज, 2011), तथा एक अन्य पुस्तक का संपादन भी किया है, जिसका शीर्षक है, ह्यूमन ट्रैफिकिंग : द स्टेकहोल्डर्स पर्सपेक्टिव (सेज, 2013)। वे काल्पनिक कहानियाँ भी लिखते हैं; उन्होंने अपनी लघु-कथाओं को भी एक पुस्तक में संकलित किया है और चिकन सूप सोल श्रृंखला की कहानियों में भी अपना योगदान दिया है। हाल ही में उन्होंने बेड़िया समुदाय में प्रचलित सामुदायिक यौन शोषण पर आधारित एक डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म, डू आई हैव ए चॉइस में सह-निर्माता एवं सह-निर्देशक के तौर पर भी काम किया है।